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उज्जैन में 450 से अधिक निजी स्कूलों ने किया हड़ताल का समर्थन – 30 जनवरी को 90% स्कूल रहे बंद!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्य प्रदेश में प्राइवेट स्कूल संचालकों और सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। एमपी बोर्ड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट की अनिवार्यता के खिलाफ 30 जनवरी को राज्यभर में स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है। इसका असर भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश के 34,000 से अधिक स्कूलों पर पड़ेगा।
बता दें, इस हड़ताल का असर उज्जैन में भी देखा जा रहा है। उज्जैन में 450 से अधिक निजी स्कूलों ने भी इस विरोध में शामिल होने की सहमति दी है। मध्य प्रदेश प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, मध्य प्रदेश संचालक मंच, अशासकीय शाला संगठन, स्कूल वेलफेयर मंच और अन्य संगठनों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
बता दें, मध्य प्रदेश प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, मध्य प्रदेश संचालक मंच, अशासकीय शाला संगठन, मध्य प्रदेश स्कूल वेलफेयर मंच, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के साथ उज्जैन के संभागीय और शासकीय शाला संगठन और अशासकीय शाला प्रतिनिधि संगठन उज्जैन ने 30 जनवरी गुरुवार को एक दिवसीय स्कूल बंद का आह्वान किया है, जिसके बाद उज्जैन शहर के एमपी बोर्ड संबंधित 90 प्रतिशत स्कूल बंद रहे।
संगठन में शामिल 50 से अधिक स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूल को बंद कर टावर चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए संचालक दशहरा मैदान स्थित राज्य शिक्षा केंद्र के कार्यालय में पहुंचे और उन्होंने डीपीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर सभी आदेशों को निरस्त करने की मांग की।